पांच शहरों में 3.7 मिलियन भोजन तथा 12 हजार स्वच्छता किट उपलब्ध कराने हेतु एसईईडीएस और हनीवेल ने हाथ मिलाया

0
105

भारत चौहान नई दिल्ली, एसईईडीएस ने समूचे बेंगलुरु, दिल्ली, गुड़गांव, मदुरै और पुणे
में भोजन तथा स्वच्छता किट वितरित करने हेतु हनीवेल इंडिया के साथ भागीदारी की है। वर्तमान अभियान के
तहत उन परिवारों को 3.7 मिलियन से अधिक भोजन के पैकेट उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है जिन्हें
कोविड-19 संकट ने असहाय बना दिया है। इसके अतिरिक्त 12,300 से अधिक परिवारों को एक महीने तक
आपूर्ति की जाने वाली हाईजीन किट भी वितरित की जा रही है।

राष्ट्रीय राजधानी में राहत कार्यों हरी झंडी दिखाते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने कहा,
“यह तारीफ के काबिल है कि पूर्वी दिल्ली के समुदायों के साथ दीर्घकालीन जुड़ाव रखने वाले एसईईडीएस और
हनीवेल मौजूदा संकट के दौरान भोजन और हाईजीन किट के साथ आगे आए हैं। यह दिखाता है कि वे स्थानीय
समुदायों के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं और उनमें कितनी गहरी दिलचस्पी रखते हैं।”
प्रत्येक फूड किट में चावल, गेहूं का आटा, चीनी, दालें, खाना पकाने का तेल और नमक शामिल हैं, जो किसी
न्यूक्लियर फेमिली को कम से कम एक महीने खिलाने के लिए पर्याप्त होना चाहिए। हाईजीन किट में नहाने और
कपड़े धोने के साबुन, डिटर्जेंट, कीटाणुनाशक और सैनिटरी तथा बाथ टॉवेल शामिल हैं।

एसईईडीएस के सह-संस्थापक डॉ. मनु गुप्ता ने बताया- “सबसे निचली पायदान पर मौजूद 1% असुरक्षित व
कमजोर समुदायों तक पहुंच बनाने वाले अपने सतत प्रयासों के माध्यम से एसईईडीएस सूखा राशन,
पारिवारिक हाईजीन और पीपीई किट उपलब्ध कराने के साथ-साथ कोविड-19 संकट के खिलाफ लड़ाई में
सबसे जरूरतमंद लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। लोगों को आजीविका के लिए संघर्ष
करते हुए देख कर हमारा मन दुखी हो जाता है, इसीलिए हम अपनी सम्पूर्ण क्षमता के साथ उनकी मदद करने
के लिए दृढ़प्रतिज्ञ हैं। जिंदगियां बचाना हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।”

हनीवेल इंडिया के अध्यक्ष डॉ. अक्षय बेल्लारे का कहना है- “एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक होने के नाते
हनीवेल देश में कोविड-19 संबंधी राहत प्रयासों के तहत देश भर में अपना योगदान दे रहा है। हमने सरकार को
हनीवेल एयर प्यूरीफायर दान किए हैं, इसके साथ-साथ हमारे 180 सुरक्षित जल स्टेशन सोशल डिस्टैंसिंग
सुनिश्चित करते हुए समुदायों को पानी उपलब्ध कराना जारी रखे हुए हैं। एसईईडीएस के साथ हुई अपनी

साझेदारी के माध्यम से हम भोजन और स्वच्छता किट लेकर सबसे असुरक्षित एवं कमजोर लोगों तक पहुंच बना
लेने की उम्मीद कर रहे हैं, जो अब उनके अस्तित्व के लिए बुनियादी चीजें बन गई हैं।”
कोविड-19 का प्रकोप फैलने और देशव्यापी लॉकडाउन के आरंभ से ही पूरे भारत में सबसे कमजोर और आसानी
से नजर नहीं आने वाले समुदायों को राहत सहायता प्रदान करने हेतु एसईईडीएस की स्थानीय प्रतिसाद टीमें
तैनात कर दी गई थीं। टीम के सदस्य स्थानीय अधिकारियों का सहयोग लेकर प्रतिकूल रूप से प्रभावित समुदायों
की स्थानीय और प्रासंगिक जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।
संकट में पड़े लोगों तक पहुंचने के लिए एक मजबूत त्रिभुजाकार वितरण एवं निगरानी तंत्र की स्थापना की गई
है। दिहाड़ी मजदूरों की मदद के लिए वित्तीय और बुनियादी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं तथा हाशिए पर रहने
वाले परिवारों, दिहाड़ी मजदूरों, वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में हाईजीन किट और सूखा राशन वितरित किया
जा रहा है।
एसईईडीएस कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए पीपीई किट प्रदान करके, सुरक्षा प्रशिक्षण
कार्यक्रमों का आयोजन करके तथा अस्थायी आइसोलेशन केंद्रों की व्यवस्था करके सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों
का सहयोग कर रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here