पहचान की मदद से महिलाओं की बदल रही है जिंदगी: ऊषा सोमानी

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भारत चौहान नई दिल्ली, पहचान क्लब की मदद से कामकाजी और घरेलू महिलाओं की जिंदगी तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून में हर क्षेत्र में अपनी सहभागिता और जिम्मेदारी बखुबी से निभा रही है। पहचान क्लब की चेयरपर्सन ऊषा सोमानी ने कहा कि पहचान क्लब अपना 15वां वाषिर्क समारोह 18 मार्च 2024 को महिला सशक्तिकरण वर्ष के रूप में मना रही है। दिनभर चलने वाले इस समारोह में व्याख्यान घरेलू, कामकाजी महिलाएं अपने अनुभव प्रस्तुत करेंगी, दूसरे सत्र में गाला नृत्य का प्रस्तुतीकरण होगा। उन्होंने कहा कि क्लब के जरिए 50 लड़कियों को पंजीकृत किया है जो उन्हे साक्षर बना रही है। इसके साथ ही विकलांग बच्चियों को कृत्रिम अंग का वितरण भी किया गया। वेस्टर्न कोर्ट के सभाकक्ष में आयोजित सम्मेलन में ऊषा सोमानी, वैद्य कपिल मल्होत्रा, कमल मोंगा ने भाग लिया। सोमानी ने कहा कि हर क्षेत्र के साथ-साथ महिलाओं ने कानून के सभी क्षेत्रों में भी पुरुषों के समान अपना अधिकार स्थापित किया है। आज कल लैंगिक समानता पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन महिलाओं ने अपनी योग्यता से हर वह मंजिल पाने में सफलता हासिल की है जिसे अब तक उसके लिए अछूता माना जा रहा था। इस मौके पर वैद्य क पिल मल्होत्रा ने कहा कि 35 फीसद अधीनस्थ न्यायाधीश महिलाएं हैं। उच्च न्यायालयों के मामले में यह 13 फीसद है। यह स्थिति सुधरनी चाहिए।

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