कोविड मृतकों रिपार्ट्स वेटिंग होगी कम, 72 घंटे के भीतर अन्तिम संस्कार करना अब अनिवार्य

यदि अस्पताल की मोरचरी शवों से फूल है तो जीटीबी की मोरचरी में रखा जाएगा - अस्पताल को बनाया कोविड स्पेशल, शवों के बारे में भी दिशा निर्देश

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ज्ञानप्रकाश नई दिल्ली, कोविड संक्रमित मृतकों के शवों का मोरचरी की फर्श पर, फ्रीजर फूल होने के बाद लावारिश अवस्था में रखे जाने के लंबी फजीहत के बाद आखिरकार स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली और हरकत में आते हुए पूर्वी दिल्ली स्थित गुरुतेग बहादुर अस्पताल को कोविड स्पेशल डेथ सेल में तब्दील करने का फैसला किया है। इसके साथ ही कोविड संक्रमितों एवं संदिग्ध शवों के बारे में दिशा निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाली की अध्यक्षता में विभिन्न अस्पतालों की हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग मीटिंग के दौरान शवों के रखरखाव में आ रही अडचनों से अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षकों ने रूबरू कराया था। शनिवार को संपन्न हुई इस मीटिंग में स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंघला ने मोरचरी सुविधा वाले अस्पताल प्रमुखों से सुझाव मांगे। जिसके बाद उन्होंने पाया कि जिस तेजी से शवों की संख्या में इजाफा हो रहा है, तकनीकी दिक्कतों को पूरा करने में शवों को कई कई दिनों तक मोरचरी में रखना अस्पताल प्रशासन की विवशता हो गई है। इसके मद्देनजर जीटीबी अस्पताल को कोविड स्पेशल सेल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। सोमवार से यहां पर ऐसे शवों को रखा जाना प्रारंभ होगा जिस अस्पताल में रोगी की मृत्यु हुई है लेकिन उस अस्पताल की मोरचरी में शव रखने के लिए जगह नहीं है।
बता दें कि राष्ट्रीय सहारा के 30 मई के अंक में मोरचरी के फ्रीजर है फूल, 40 फीसद शव फर्श पर, शीषर्क से इस समस्या को उजागिर किया था। पहले ही दिल्ली सरकार ने कई होटलों और प्राइवेट अस्पतालों को अस्थाई रूप से अटैच करके कोविड स्पेशल घोषित कर दिया। यही नहीं अब जीटीबी अस्पताल को पूरी तरह से कोविड अस्पताल बना दिया है। इसमें 1500 बेड पर केवल कोरोना के मरीजों का इलाज होगा।
शवों के लिए नए दिशा निर्देश:
स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी सिंघला के अनुसार कोरोना के मरीजों और संदिग्धों की शवों के बारे में भी गाइडलाइ जारी की है। इसके अंतर्गगत अगर किसी कोविड मरीज या संदिग्ध को मृत हालत में अस्पताल लाया जाता है तो दो घंटे के भीतर उसे मुर्दाघर में भेजना होगा। अगर सगे-संबंधी 12 घंटे के भीतर कॉन्टैक्ट करते है तो अस्पताल को म्युसिपल कॉर्पोरेशन और संबंधियों की सलाह लेकर 24 घंटे के भीतर अंतिम संस्कार शेड्यूल करना होगा। अगर संबंधी 12 घंटे के भीतर खुद कॉन्टैक्ट नहीं करते तो एरिया के एसएचओ के माध्यम से अंतिम क्रिया की जानकारी सगे-संबंधियों को देनी होगी। दिल्ली पुलिस को मृतक से संबंधित फॉर्मालिटी 72 घंटे के भीतर पूरी करनी होंगी। अगर मृतक राजधानी के बाहर का रहने वाला है तो उस राज्य के प्रशासन को इसकी जानकारी देनी होगी। जवाब न आने पर 24 घंटे के भीतर अंतिम क्रिया कर दी जाएगी। इस बीच जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डा. एसके गौतम ने कहा कि हमने तैयारी कर ली है। हमारे पास बिस्तरों के बिस्तार करने के साथ ही मोरचरी में शवों को रखने की भी व्यवस्था की गई है।

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