अन्नाद्रमुक और वाईएसआरसीपी के हंगामे से राज्यसभा की कार्यवाही बाधित

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भारत चौहान नयी दिल्ली, अन्नाद्रमुक की कावेरी क्षेा के किसानों की मदद करने और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्यों की आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग को लेकर हंगामा करने के कारण आज राज्यसभा में शून्यकाल नहीं हो सका और सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गयी।
आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद सभापति एम वेंकैया नायडु ने जैसे ही शून्यकाल शुरू करते हुए भारतीय जनता पार्टी के विजयपाल तोमर का नाम पुकारा तो अन्नाद्रमुक और वाईएसआरसीपी के सदस्य तख्तियां लेकर आसन के समक्ष आ गये और नारेबाजी करने लगे। इस पर सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार को कार्य मांणा समिति की बैठक में अन्नाद्रमुक के सदस्यों के मुद्दे को सुलझाना चाहिए। सदन के सामने कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर चर्चा जरुरी है। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन बोलने के लिये खड़े हो गये लेकिन सभापति ने उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी।
हंगामे के बीच संसदीय कार्य राज्य मंी विजय गोयल ने कहा कि सरकार राफेल, चक्रवात, किसान और अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिये तैयार है लेकिन विपक्ष चर्चा करने से भाग रहा है। अदालत ने कांग्रेस के खिलाफ दो दो फैसले दिये हैं। कांग्रेस को वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को बचाने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। इस पर कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा बोलने की लिये खड़े हो गये लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली।
इस बीच श्री नायडु नारेबाजी कर रहे सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने का अनुरोध करते रहे लेकिन उनकी अपील को अनसुना कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही महज 15 मिनट के भीतर दो बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।
इससे पूर्व हंगामें के बीच श्री विजय पाल तोमर ने मेरठ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक पीठ स्थपित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मेरठ की इलाहाबाद से दूरी तकरीबन 650 किलोमीटर है। इससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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