सिख सियासत में अब आई “जागो” पूर्व DSGMC प्रधान मंजीत सिंह जीके बनें अध्यक्ष

दिल्ली में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगें: जीक

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नई दिल्ली (2 अक्टूबर 2019) दिल्ली की सिख सियासत में आज एक नई पंथक पार्टी का आगमन हुआ। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके सोसायटी एक्ट में पंजीकृत हुई इस नई पार्टी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। इस बात का ऐलान पार्टी के सरप्रस्त तथा गुरु नानक देव खालसा काॅलेज के पूर्व प्रिंसिपल डाॅक्टर हरमीत सिंह ने किया। जबकि हरमीत सिंह को सरप्रस्त बनाने का ऐलान बुजुर्ग सिख नेता बलबीर सिंह कोहली ने किया। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा(पहाड़ी वाला) ग्रेटर कैलाश में हुए प्रभावशाली विशेष समागम के दौरान हजारों संगतों की मौजूदगी में गुरबाणी कीर्तन के बाद हुई अरदास में ग्रंथी साहिब ने पार्टी के नाम का ऐलान किया। पार्टी का नाम जागो – जग आसरा गुरु ओट (जत्थेदार संतोख सिंह) होगा।

इस बारे जानकारी देते हुए जीके ने बताया कि पार्टी में यूथ विंग, स्त्री विंग, धर्मप्रचार विंग तथा बुद्धिजीवी विंग के अध्यक्षों का नाम जल्द घोषित किया जाएगा। जबकि विधार्थी विंग का अध्यक्ष श्री गुरु तेग बहादर खालसा काॅलेज छात्र संघ की अध्यक्षा तरणप्रीत कौर को बनाया गया है। साथ ही पार्टी की सलाहकार कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित प्रोफेशनल पंथ का मार्गदर्शन करेंगे। संगठन की दृष्टि से दिल्ली कमेटी के 46 वार्डों को 5 जिलों में बांटा गया है। इन जिलों के नाम सन् 1783 में दिल्ली फतेह करने वाले 5 सिख सेनापतियों के नाम पर रखें गए है। हर जिलें में कमेटी के 9-10 वार्ड आएँगे। पूर्वी दिल्ली जिले का नाम बाबा बघेल सिंह के नाम पर होगा जबकि मध्य-पश्चिमी दिल्ली जिला बाबा जस्सा सिंह आहलूवालिया, पश्चिमी दिल्ली जिला बाबा जस्सा सिंह रामगढ़ीया, दक्षिणी दिल्ली जिला जत्थेदार महा सिंह शुक्रचकिया तथा उत्तरी दिल्ली जिले का नाम जत्थेदार तारा सिंह घेबा के नाम पर होगा।

जीके ने कहा कि पंथक पार्टी होने के नाते पार्टी का कार्यक्षेत्र देश-विदेश में रहते सिखों की आवाज बनकर कौम की बेहतरी के लिए कार्य करना होगा। मांग तथा सुविधा के अनुसार पार्टी की इकाइयों की स्थापना देश-विदेश में की जा सकती है। जीके ने मीडिया के समक्ष पार्टी का लोगो भी जारी किया। जिसमें पार्टी की टैग लाइन “नीहां तों लीहां तक” अंकित थी। जिसका अर्थ है कि पार्टी सिख गुरुओं द्वारा सिख पंथ की रखी गई नींव के बाद कौम को दिखाई व समझाई गई सैद्धांतिक तथा आध्यात्मिक लकीर पर चल कर कौम की आवाज बनेंगी। जीके ने कहा कि 1950 के बाद से लगातार दिल्ली की संगत ने उनके परिवार पर अपना भरोसा दिखाया है। मेरे पिता जत्थेदार संतोख सिंह तथा खुद मेरी तरफ से भी हमेशा संगतों की भावनाओं व उम्मीदों को साकार करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए गए। पर इस समय दिल्ली की संगत अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रही है। क्योंकि सियासी प्रपंचों व साजिशों के तहत मुझे सियासी अपदस्थ किया गया। पर अब सबको समझ आ गया है कि हकीकत क्या है।

जीके ने कहा कि अब खुद संगत मुझे आगे आकर नेतृत्व देने की अपील तथा गुरु चरणों में अरदास कर रहीं है। इसलिए जन भावनाओं का सत्कार करते हुए नई पार्टी का गठन किया गया है। साथ ही दिल्ली में 10000 सक्रिय सदस्य बनाने की प्रक्रिया आॅनलाइन तथा आॅफलाइन दोनों तरीकों से शुरू की जाएगी। जिसके लिए बाकायदा पार्टी की वैबसाइट,फेसबुक, वट्सएप,ट्वीटर, इंस्टाग्राम तथा यू-टयूब आदि सोशल मीडिया खाते बनाए गए है। पार्टी का मुख्य दफ्तर पूसा रोड़ पर होगा। जीके ने कहा कि हम रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाँएगें। कमेटी के अच्छे कामों पर पीठ थपथपाएँगें तथा गलत कामों पर सख्त खिंचाई भी करेंगे। जीके ने तंज कसा कि संगतों की बड़ी गिणती बताती है कि मैं संगत का प्रधान हूँ, पर वो मैंबरों के प्रधान है। जीके ने इस मौके पर दिल्ली के पुराने सिख नेताओं को भी याद किया।

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