राजस्थान में हुआ नया पेशाब कांड: दलित मजदूर ने लगाई गुहार, विधायक और पुलिसकर्मियों से बचाएं

# बोला दलित मजदूर, पानी मांगने पर चेहरे पर कर दिया पेशाब # दो घंटे तक रखा एक कमरे में बंद # खेत पर मजदूरी करने पर दी सजा

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नई दिल्ली। दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर  जयपुर के जमवारामगढ़ निवासी दलित मजदूर राजू प्रसाद नायक ने  अपनी जान बचाने की गुहार लगाई है। राजू प्रसाद का कहना है कि उस पर किए गए अत्याचार और अन्याय के खिलाफ कोर्ट में जाकर उसके आवाज उठाने पर अब उसे जान से मारने की धमकी मिल रही हैं। उसे वहां के एमएलए और इस प्रकरण में शामिल एक डिप्टी एसपी सहित अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा केस समाप्त करने के लिए कहा जा रहा है। अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उसे जान से मारने  की धमकी दी जा रही है। राजू ने कहा ,  ” मैं परम लैंड बेस इंडिया प्राईवेट लिमिटेड के खेत में काम कर रहा था और पुलिस कर्मियों ने आकर बेवजह मारना शुरू कर दिया । ” और पुलिस की गाड़ी में उठाकर एमएलए निवास पर लें गए

राजू ने अपनी आपबीती  बताते हुए कहा कि उसको बिना किसी गलती के बहुत बुरी तरह से टॉर्चर किया गया। उस पर पेशाब किया गया, यहां तक कि जाति सूचक गालियां भी उसे बार-बार दी गईं। राजू ने कहा कि वह एक मजदूर है और 30 जून को वह  खेत पर मजदूरी का काम करने गया था। कुछ देर के बाद उसे वहां से चार-पांच पुलिसवाले उठाकर ले गए और उसमें से एक पुलिस वाले ने  कथित तौर पर उस पर पेशाब कर दिया और 2 घंटे तक कमरे में बंद कर मारपीट की।  राजू ने आरोप लगाया कि डिप्टी एसपी शिवकुमार भारद्वाज ने उसे गंभीर जातिसूचक गालियां देते हुए उसका अपमान तक किया। पीड़ित ने  कहा कि जब उसने पीने के लिए पानी मांगा तो डिप्टी एसपी ने कथित तौर पर उसके चेहरे पर पेशाब किया। पीड़ित ने दावा किया कि उसे छोड़ने की एवज में विधायक गोपाल  मीणा ने जूते चाटने पर मजबूर किया।

राजू प्रसाद नायक ने कहा , ”  मैं जो यातना अभी तक सह रहा हूं यह असहनीय हैं वह विश्वास से परे है। किसी भी इंसान को इस तरह के अपमान से नहीं गुजरना चाहिए। मैं चाहता हूं कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और उसको व उसके साथियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।”

राजू के साथ मौजूद दो अन्य साथियों शुभम और भवानी शंकर ने बताया कि जब राजू को उठा कर ले गए थे तो वह उसके पीछे गए और उन्होंने एक वीडियो भी बनाया था। जिस पर एमएलए गोपाल मीणा के गुर्गों ने उन्हें  देख लिया और वीडियो को डिलीट कर दिया बल्कि उनके साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि उन पर किए गए अत्याचार की राजस्थान मे कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी , तभी  उन्हें हार कर दिल्ली आना पड़ा। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि करीब एक महीने के बाद एफआईआर फाइल हुई और वो भी तब जाकर जब वह कोर्ट की शरण में गए। जहां से ही फिर संबंधित आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आरोपी नेता कांग्रेस विधायक गोपाल मीणा है और एक डिप्टी एसपी सहित बाकी के अन्य पुलिसकर्मी हैं। जिनके खिलाफ अब जांच बैठी है। इस वजह से उनसे अब उसे धमकियां मिल रही हैं। जान का खतरा होने की वजह से ही अब वह अपने गांव नहीं जा पा रहा है। इसलिए ही उसने मीडिया के समक्ष अपनी आपबीति सुना उसे बचाने के लिए गुहार लगाना सही समझा। पीड़ित राजू ने कहा कि वीडियो तो डिलीट हो गया है लेकिन अगर सभी की मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल निकाली जाए तो पता चल जाएगा कि जिस समय उन पर अत्याचार हो रहा था उस समय कौन-कौन मौजूद था, जो इस मामले में अब अहम सबूत हो सकता है।

बता दें कि जमवारामगढ़ के विधायक गोपाल मीणा, जमवारामगढ़ के डिप्टी एसपी शिवकुमार भारद्वाज व अन्य पुलिसकर्मियों रामपाल शर्मा, राममिलन मीणा, उदय सिंह, रामकिशोर शर्मा पर कोर्ट के आदेश के बाद धारा 363, 143, 448, 323, 342, 506, 509 और एससी/एसटी एट के तहत 3(1)r, 3(1)s, 3(2)(va)धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

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