वैश्विक शिक्षा भारतीय मूल्यों में निहित है: स्वामी गौर गोपाल दास

बाल भारती विद्या उत्सव की पहली शृंखला हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई

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भारत चौहान नई दिल्ली । देशभर में बाल भारती पब्लिक स्कूलों को संचालित करने वाली सर्वोच्च संस्था ‘चाइल्ड एजुकेशन सोसाइटी’ (सीईएस) का वार्षिक कार्यक्रम विद्या उत्सव की पहली श्रृंखला हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। कॉपरनिकस मार्ग स्थित कमानी ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीईएस के अध्यक्ष एवं बाल भारती स्कूल समूह के चेयरमैन श्री निखिल चानना और प्रबंधन बोर्ड के सदस्यों ने की। श्री चानना ने कहा कि डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर सीईएस समूह अपने स्कूलों में नवीनतम शैक्षणिक उपक्रमों को स्थापित करने के साथ ही बच्चों के बौद्धिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस मौके पर स्वामी गौर गोपाल दास जी ने कहा कि ज्ञानवर्धन सत्र का केंद्र बिंदु : वैश्विक शिक्षा भारतीय मूल्यों में निहित है और हमारी परंपरागत संस्कृति के संवर्द्धन तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका सराहनीय है। कोविड काल में आनलाइन कक्षाओं में जिस नीतिगत तरीके से स्कूल प्रबंधन ने शिक्षकों के साथ तालमेल में बच्चों को घर बैठे ही निरंतर शिक्षा का ज्ञान दिया; वह संभवत: भारतीय शिक्षकों के लिए देश की आजादी के बाद पहली वृहद्ध चुनौती थी तथा जिसमें शिक्षकों ने अभिभावकों की मदद से बच्चों को ज्ञान का प्रसार विषम परिस्थितियों में निरंतर जारी रखा। उन्होंने शिक्षकों से उपाख्यानों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के साथ पठन पाठन संबंधी सामग्री प्रस्तुत करने का आग्रह किया। शिक्षकों से खचाखच भरे सभागार में श्रीराम भारतीय कला केंद्र के कलाकारों द्वारा संगीतमय ‘मीरा’ का प्रदर्शन देख दर्शक दीर्घा में बैठे गणमान्य झूम उठे। सीईएस के संयुक्त सचिव एल. वी. सहगल ने बाल भारती परिवार को धन्यवाद ज्ञापन दिया। इसके पहले मेधावी एवं सफलता के शिखर को चूम रहे पूर्व छात्रों को सम्मान प्रदान किए ग‌ए।

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