वॉइस टेस्टिंग से कोरोना संक्रमितों का पता चलेगा!

आईसीएमआर दिल्ली समेत कोरोना संक्रमितों कुछ राज्य में टेस्टिंग प्रारंभ करने की बनाई रणनीति -इजराइल, अमरीका जैसे देशों में पहले ही हो रही है वॉइस टेस्टिंग -कोविड संक्रमण से फेफड़ों की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है, जिससे आवाज भी बदल जाती है

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भारत चौहान नई दिल्ली,वैश्विक महाकारी कोरोना के खिलाफ मिशन जीरो के तहत भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), सफदरजंग और डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बने कोविड केंद्रों में जल्द ही वॉइस टेस्टिंग शुरू करेगी। इसकी पायलट शुरु आत 20 अगस्त से की जा सकती है। आईसीएमआर के महानिदेशक डा. बलराम भार्गव के मुताबिक आवाज की टेस्टिंग से आधे घंटे में पता चल जाएगा कि व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है या नेगेटिव है। अगस्त माह के तीसरे सप्ताह में इसकी पायलयट टेस्टिंग प्रारंभ करने की योजना है। कुछ तकनीकी मुद्दों पर सुविधा प्रधान करने वाली कंपनी से बातचीत की जा रही है। कंपनी ने मुंबई में यह सुविधा 11 अगस्त से प्रारंभ करने के लिए समझौता कर चुकी है। जहां पर अब तक सबसे ज्यादा कोरोना के मामले पाए जा रहे हैं।
अभी क्या है सुविधा:
अब तक राजधानी में कोरोना टेस्टिंग के लिए स्वाब टेस्ट, ऐंटीजन टेस्ट या फिर ऐंटीबॉडी टेस्ट करती है। वॉइस टेस्टिंग के जरिए व्यक्ति की आवाज की ध्वनि तरंगों के माध्यम से इंसान के कोरोना संक्रमित होने या न होने की जानकारी मिल जाएगी। दिल्ली में पिछले दो दिन से 1,300 से अधिक मामले आ रहे हैं। तो वहीं इसके पहले हजार से भी कम मामले दर्ज किए जा रहे थे। दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर 5.46 फीसद है सक्रिय मरीजों की दर 7.37 फीसद जबकि रिकवरी रेट 89.8 फीसद और कोरोना डेथ रेट 2.82 फीसद दर्ज की गई है। यह फीसद पिछले 24 घंटे के दौरान दर्ज की गई। टेस्टिंग की रफ्तार संबंधी प्राप्त आंकडों पर यदि फौरी नजर डाली जाए तो अब तक कुल 11 लाख 92 हजार 082 लोगों की टेस्टिंग की जा चुकी है। पिछले 24 घंटें में इन कल मामलों में से 23 हजार 737 लोगों की टेस्टिंग हुई। इनमें आरटी पीसीआर-5, 702, एंटीजन टेस्टर 18, 085 किए गए हैं।
वॉइस पॉजेटिव तो होगा आरटीपीसीआर टेस्ट:
स्वास्थ्य सेवाओं की महानिदेशक डा. नूतन मूंडेजा के अनुसार कोरोना की पहचान और उन्मूलन के लिए हर प्रकार की तकनीकों को अपनाने के लिए हम सक्रिय है। उधर, एक स्वास्थ्य अधिकारी ने वॉइस टेस्टिंग के मामले में कहा कि शुरू में प्रतिदिन 1 हजार लोगों की आवाज टेस्ट की जाएगी। धीरे-धीरे इस तकनीक का प्रयोग अन्य कोविड सेंटर में भी किया जाएगा। यदि इस टेस्ट से कोई पॉजिटिव आता है, तो उसका आरटीपीएसआर भी टेस्ट किया जाएगा। इस तकनीक का प्रयोग अमेरिका व इजरायल जैसे देशों में किया जा रहा है। किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर उसे सांस लेने में कठिनाई होती है। कोरोना की वजह से फेफड़ों की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं। फेफड़ों की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है, जिससे आवाज भी बदल जाती है।

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