प्रदूषण की गिरफ्त में बच्चे, इमरजेंसी, ओपीडी में तीन से चार फीसद मामले बढ़े

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ज्ञान प्रकाश नई दिल्ली, वि स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट ने जहां प्रदूषण के कारण देश के बच्चों को बड़ा खतरा बताया है। वहीं राजधानी के अस्पतालों में डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट वास्तविकता में नजर आ रही है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों तक दशहरे के बाद से नौनिहालों की संख्या में तेजी आई है। इन बच्चों को सांस लेने में घूटन, सांस फूलना, गले में खरास जैसी परेशानियां लेकर विभिन्न अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से संबद्ध लोकनायक अस्पताल में हर दिन इमरजेंसी और ओपीडी में आने वाले मरीजों में से तीन से चार फीसद नए बच्चे सांस लेने में दिक्कतों वाले पहुंच रहे हैं। इनमें नवजात शिशुओं के मामल भी है। सप्ताहभर से लेकर पांच वर्ष से कम है और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। डॉक्टरों की मानें तो इन बच्चों को लंबी लंबी सांस लेना पड़ रहा है। घर में रहने के बाद भी ये प्रदूषण से नहीं बच पा रहे। अस्पताल के चिकित्सी निदेशक डा. सिद्धार्थ राम के अनुसार इन दिनों उनके यहां सांस में तकलीफ के अलावा आंखों का जलना, लाल पड़ना और पानी निकलना, गले में दर्द, खांसी होना जैसी परेशानी लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। इनके पीछे वजह प्रदूषण है। दशहरे के बाद से निरंतर मामले आ रहे हैं।
आंखों में जलन के मरीज 70 फीसद बढ़े:
आई 7 के निदेशक एवं नेत्र सर्जन डा. संजय चौधरी का कहना है कि उनके पास पिछले 15 दिन के अंदर आंखों की परेशानी को लेकर आने वाले मरीजों में 70 फीसदी इजाफा हुआ है। ज्यादात्तर मरीज उनके पास आंखों में जलन, सूजन, खुजली इत्यादि की परेशानी लेकर पहुंच रहे हैं, जिनका सीधा सरोकार प्रदूषण से है। डा. सारिका जिंदल ने लोगों से अपील की है कि दिन में कम से कम चार से पांच बार लोगों को ठंडे पानी से आंखें धोनी चाहिए। वाहन पर चश्मा जरूर लगाएं। चश्मे की गुणवत्ता का भी ध्यान रखें।
अस्थमा पीड़ितों की दिक्क तें ज्यादा:
एम्स के पल्मोनरी विभाग के डॉ. करण मदान के अनुसार दिल्ली में प्रदूषण का स्तर इतना बढ़ चुका है कि मरीजों को दवाओं का असर भी कम हो रहा है। बच्चों को ओरल की जगह इंजेक्शन के जरिए दवाएं देना पड़ रही हैं। अस्थमा पीड़ित बच्चों की दिक्कतें ज्यादा तेजी से बढ़ रही है।
मास्क की डिमांड बड़ी:
मास्क की बिक्री भी तेजी से बढ़ गई है। इस बार दिल्ली में दुकानों से ज्यादा ऑनलाइन बाजार की चमक देखने को मिल रही है। कई तरह की ई मार्केट वेबसाइट्स लोगों को महज 300 रु पये में पांच मास्क का जोड़ा दे रही हैं। आम दुकानों पर प्रति मास्क कीमत करीब 123 से 150 रु पये तक है। दुकानदारों का तर्क है कि भले ही ई मॉर्केट लोगों को सस्ता मास्क उपलब्ध करा रहा हो, लेकिन दिल्ली के प्रदूषण में सस्ता मास्क किसी काम का नहीं है। उन्होंने बताया कि इस वक्त एन 95 मास्क भी कमजोर साबित हो रहा है।

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