बीट द कैंसर जागरुकता में रोग को मात देने वाले के जज्बे को सलाम

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ज्ञान प्रकाश नई दिल्ली , नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और स्प्रिंग होप कैंसर फाउंडेशन के सहयोग से वि कैंसर दिवस बीएलके सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने लोगों के बीच कैंसर के प्रति जागरु कता फैलाने के लिए तालकटोरा स्टेडियम में एक दिवसीय कार्यक्रम बीट द कैंसर/कैंसर पराजित का आयोजन किया। इसमें कैंसर से लड़ने वाले एक हजार से अधिक विजेता एकत्र हुए और प्ले, डांस और एक फैशन शो के रूप में ज़िंदगी के लिए अपनी लड़ाई के बारे में बताते हुए उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
कैंसर रोगियों के जज्बे को सलाम:
फैशन शो, प्ले, डांस परफॉरमेंस और सर्वाइवर्स द्वारा गाने, अनुभव साझा करने का सत्र और कैंसर सर्वाइवर्स का धन्यवाद करना दिन भर चले ‘बीट द कैंसर‘ कार्यक्रम का हिस्सा थे, जो लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने में बहुत कारगर साबित हुआ। कैंसर को मात देने वाली नेहा जैन (28) ने कहा कि
वह दृढ़ संकल्प और समय पर उपचार मिलने से कैंसर से बची। वह दुबई में थी जब उन्हें पता चला कि वह ओवेरियन कैंसर से पीड़ित हैं।
कैंसर अध्ययन रिपोर्ट जारी:
अस्पताल में सर्जिकल आंकोलॉजी एंड चीफ आफ रोबोटिक सर्जरी के निदेशक डा. सुरेंद्र डबास ने कम्यूनिटी आउटरीच प्रोग्राम कैंसर, नो कैंसर (केसीएनसी) के अगले चरण के साथ ही साल भर चलने वाले कैंसर स्क्रीनिंग और जागरु कता अभियान के निष्कषरे का अनावरण किया। जिसमें दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों के लगभग 50 हजार लोगों की जांच की गई थी। जारी केसीएनसी के आंकड़ों से पता चला कि मुंह का कैंसर लोगों में सबसे आम कैंसर है, विशेष रूप से धूम्रपान करने वालों और तंबाकू खाने वालो में। 16 लोगों में से, एक व्यक्ति में प्री कैंसर कोशिकाएं पाई गई। औसतन 200 लोगों में से एक व्यक्ति कैंसर का रोगी पाया गया। डेटा से यह भी पता चला कि स्तन और गर्भाशय के कैंसर महिलाओं में सबसे आम कैंसर हैं और जांच किए गए 15 फीसद लोग मोटे पाए गए। विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा, कैंसर के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। केसीएनसी के आंकड़ों से यह भी पता चला कि कैंसर के बढ़ते मामलों की जांच के लिए लोगों को शीघ्र निदान, उपचार और देखभाल के लिए उन्नत सुविधाओं से अवगत कराने की आवश्यकता है।

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