गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षा कार्ड, हर सेवाएं मिलेंगी मुफ्त में

स्वास्थ्य मंत्रालय जुटा अब: निमोनिया, डायरिया, एनीमिया, पोषण, स्तनपान के प्रति हर शख्स कोजागरुक करने में

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ज्ञानप्रकाश
नई दिल्ली , प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के सरकारी अस्पतालों में गर्भवती और नवजात शिशुओं की सुविधा के लिए पहल की गई है। अब गर्भवती महिलाओं और शिशुओं का मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड (मातृत्व शिशु सुरक्षा कार्ड) से इलाज होगा। अस्पतालों में गर्भवती, प्रसूता और नवजात के लिए अब यही एक कार्ड बनाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस एक कार्ड में ही मां और बच्चे की पूरी जानकारी होगी। इस पहल से गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं को कागजों के बोझ से निजात मिल जाएगी। हालांकि, अभी भी माता और शिशु को स्वास्थ्य कार्ड पीले रंग का अस्पताल में बनाया जाता है, लेकिन बावजूद इसके इलाज से जुड़े अन्य कागजात भी साथ में रखने पड़ते हैं। इस नए कार्ड में टीकाकरण की जानकारी को भी शामिल किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय की डा. मनीषा वर्मा के मुताबिक इस पहल को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत शुरू किया गया है। बच्चों में डायरिया का प्रमुख कारण माने जाने वाले रोटावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए भारत में टीकाकरण उन 15 देशों में सबसे कम है, जिन्होंने इसे पिछले साल शुरू किया था। दुनियाभर में निमोनिया और अतिसार से पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत के 70 प्रतिशत मामले भारत में दर्ज किये गये हैं। जागरुकता से इस क्षेत्र में कमी लाने का प्रयास किया जा रहा है। निमोनिया, डायरिया, एनीमिया, पोषण, स्तनपान के प्रति जागरुकता पर बुधवार को एक रेडियो जागरुकता कार्यशाला में डा. मनीषा ने बताया कि रोकथाम, जागरुकता से हम इस बीमारी की रफ्तार को कम करने में सफलता हासिल कर सकते हैं। यूनिसेफ, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, पोषाण अभियान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संयुक्त रूप से इस कार्यशाला का आयोजन किया।
पीएम का संकल्प हर बच्चा हो तंदुरुस्त:
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के हर एक बच्चे को स्वस्थ जीवन देने का संकल्प लिया है। केंद्र सरकार ने अभी देश में 19 वर्ष के युवाओं की विभिन्न तरह की बीमारियों की स्क्रीनिंग करने का फैसला लिया है। इसमें शुगर, हाइपरटेंशन आदि शामिल हैं। इन बीमारियों की स्क्रीनिंग कर आगामी लक्षणों को देखते हुए इनका इलाज शुरु आती समय में ही शुरू कर दिया जाएगा। युवाओं में बीमारियों की स्क्रीनिंग का कार्य देश के 100 जिलों में शुरू कर दिया गया है। आगामी समय में इसे देश भर में लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधा देने के लिए कृतसंकल्प है। सरकार ने देश में कई रोगों के वैक्सीन टीकों का शुभारंभ किया है।देश में नवजात बच्चों और गर्भवती माताओं की मृत्यु दर में कमी आई है। साथ ही देश में लॉन्च की गई न्यूमोनिया की वैक्सीन से बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है।

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