आईएनएक्स मीडिया मामला: चिदंबरम को एक और बड़ा झटका, ईडी ने गिरफ्तार किया

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भारत चौहान नयी दिल्ली, आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई और न्यायिक हिरासत में आठ सप्ताह बिता चुके पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को प्रवर्तन निदेशालय ने एक संबंधित धनशोधन मामले में तिहाड़ जेल से गिरफ्तार कर लिया। इससे पूर्व वित्त मंत्री को नये सिरे से झटका लगा है। चिदंबरम की गिरफ्तारी के कुछ समय बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ के समक्ष याचिका दाखिल कर 74 वर्षीय कांग्रेस नेता से पूछताछ के लिए 14 दिन की हिरासत की मांग की। अदालत ने ईडी के मामले में चिदंबरम के खिलाफ पेशी वारंट जारी करते हुए कहा कि वह रिमांड की अर्जी पर बृहस्पतिवार को विचार करेगी, जब सीबीआई द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में उनकी न्यायिक हिरासत समाप्त हो रही है। अदालत ने जेल अधिकारियों को चिदंबरम को बृहस्पतिवार को अपराह्न 3 बजे पेश करने का निर्देश दिया। इस बीच सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि जांच एजेंसी भ्रष्टाचार के मामले में एक आरोपपत्र दाखिल कर सकती है जिसमें चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति के नाम आ सकते हैं। ईडी के एक अधिकारी ने कहा कि न्यायाधीश कुहाड़ ने एजेंसी को चिदंबरम से जेल में पूछताछ करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिरफ्तार करने की अनुमति दी जिसके बाद ईडी के जांच दल ने उचित प्रक्रिया का पालन किया। ईडी का तीन सदस्यीय दल सुबह 8:15 बजे तिहाड़ जेल पहुंचा और करीब दो घंटे तक परिसर में रहा जिस दौरान उन्होंने चिदंबरम से संक्षिप्त सवाल-जवाब किये और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ईडी ने कहा कि धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तारी की गयी है। कानून के इसी प्रावधान के तहत उनका बयान भी दर्ज किया गया। ईडी ने राज्यसभा सदस्य चिदंबरम से इस मामले में पहले कई बार पूछताछ की है लेकिन उसने कभी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया। अदालत ने पहले आदेश दिया था कि एजेंसी उन्हें गिरफ्तार करने जैसा कोई कदम नहीं उठाएगी। सूत्रों ने संकेत दिया कि अगर अदालत ईडी को चिदंबरम को हिरासत में लेने की अनुमति दे देती है और उनसे पूरी तरह पूछताछ शुरू हो जाती है तो चिदंबरम का सामना अब कुछ नये सबूतों से कराया जाएगा। मामले में अन्य आरोपियों के बयानों से भी उनका सामना कराया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार कार्ति के एकाउंटेंट तथा अन्य लोगों के बयानों से उनका सामना कराया जा सकता है। समझा जाता है कि ईडी के जांच अधिकारी चिदंबरम से उनके परिवार से जुड़ी कुछ विदेशी संपत्तियों के बारे में पूछताछ कर सकते हैं जिनमें एजेंसी द्वारा जब्त की गयी कार्ति के नाम वाली संपत्ति भी हैं। ईडी ने पिछले साल अक्टूबर में कार्ति की भारत, ब्रिटेन और स्पेन में 54 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को पीएमएलए के तहत जब्त किया था। एजेंसी मामले में अपना पहला आरोपपत्र या अभियोजन शिकायत दाखिल करने की दिशा में काम कर रही है जिसमें चिदंबरम के बयान शामिल हो सकते हैं। कार्ति और उनकी मां नलिनी आज सुबह तिहाड़ जेल परिसर पहुंचे। जेल के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में कार्ति ने दोहराया कि इस मामले में जांच राजनीतिक शत्रुता का नतीजा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे मिलने आया था जो मैं हर सप्ताह आता हूं। वह अच्छे हैं। राजनीतिक मकसद से यह खेल चल रहा है। पूर्व वित्त मंत्री और पूर्व गृह मंत्री को किसी न किसी तरह हिरासत में रखने के लिए यह फर्जी जांच चल रही है।’’ दूसरी तरफ केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुये उच्चतम न्यायालय में दावा किया कि कांग्रेस नेता के खिलाफ ‘पहली नजर में ठोस’ मामला बनता है। न्यायमूर्ति आर भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के एम नटराज ने कहा कि उनके पास इस बात की पुख्ता सामग्री है कि चिदंबरम ने किस तरह गवाहों को प्रभावित करने के प्रयास किये। उन्होंने पीठ से कहा कि पहले भी चिदंबरम ने इस मामले में गवाहों पर दबाव डालने और उन्हें प्रभावित करने के प्रयास किये थे। शीर्ष अदालत से जमानत का अनुरोध करते हुये चिदंबरम ने कहा है कि सीबीआई उन्हें ‘अपमानित करने’ के लिये ही जेल में रखना चाहती है।

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