दिल्ली में हिंसा: तीनों अस्पतालों ने तैयार की घायलों, मृतकों की समरी -स्वास्थ्य विभाग को एक दो दिन में सौंप सकता है

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भारत चौहान नई दिल्ली , दिल्ली की हिंसा में घायल हुए लोगों को लेकर पहली बार अति महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में सबसे ज्यादा घायल और मरने वालों के शव पहुंचे थे। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने एक रिपोर्ट तैयार की है जिसके अनुसार 23 फरवरी की रात से अब तक 279 घायल मरीज अस्पताल में उपचार ले चुके हैं। इनमें से 67 को गोली लगी है। जबकि 154 लोगों को मारपीट के बाद जलाया गया है। जबकि 58 अन्य तरह की चोटों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डा. एसके गौतम ने कहा कि रिपोर्ट डाक्टरों की टीम ने तैयार किया है।
देर रात जारी रिपोर्ट के अनुसार उम्र वार भी घायलों की जानकारी दी गई है। इसके अनुसार दिल्ली की हिंसा में सबसे ज्यादा घायल 20 से 25 और 30 से 35 वर्ष की आयु के बीच में हैं। 52 घायलों की आयु 20 से 25 और 54 की 30 से 35 बताई गई है। वहीं 10 से 15 वर्ष की आयु के चार और 70 वर्ष से ज्यादा आयु के पांच घायल भी भर्ती हुए थे। इनके अलावा 27 घायलों की आयु का पता अस्पताल नहीं लगाया पाया था। जीटीबी अस्पताल में 38 शवों का पोस्टमार्टम किया है।
अस्पताल में घायलों का उपचार करने में राउंद द क्लाट जुटे वरिष्ठ डाक्टरों के अनुसार रिपोर्ट तैयार करने के बाद अब इसे स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय को भेजा जाएगा। दरअसल दिल्ली में हुई हिंसा में अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 600 से ज्यादा घायल हुए। इस अस्पताल के अलावा 52 घायल इलाज के लिए लोकनायक अस्पताल लाए गए थे। जबकि 350 घायलों के उपचार करने का दावा अल हिंद अस्पताल ने भी किया है। लोकनायक अस्पताल में जिन घायलों को उपचार मिला है उनमें 60 फीसद हड्डी टूटने और 20 फीसद मामले पत्थर-डंडों से मारपीट की गई। अन्य 20 फीसद घायल मरीज ऐसे थे जिन्हें तेजाब से जलाया गया था। तीनों अस्पतालों की रिपोर्ट के ही अनुसार दिल्ली की हिंसा में पत्थर, डंडे, तेजाब, पेट्रोल, बंदूक, चाकू और तलवारों सहित धारदार हथियारों का काफी इस्तेमाल किया गया था जिसके चलते सबसे ज्यादा गंभीर हालत में मरीज अस्पतालों में दाखिल हुए थे।

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