विरोध के बावजूद भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में तंबाकू उत्पादों का प्रचार अतिरिक्त निदेशक, स्वास्थ्य विभाग, दिल्ली ने जताया ऐतराज – डीडीसीए और भारत सरकार को लिखा पत्र

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भारत चौहान
नई दिल्ली , भारत और आस्ट्रेलिया के बीच बुधवार को होने वाले क्रिकेट मैच के दौरान स्टेडियम में तंबाकू के विज्ञापनों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। इसके बाबजूद मैच की पूर्व संध्या पर स्टेडियम में तंबाकू विज्ञापन दिखाई दिए। दिल्ली के स्वास्थ्य महानिदेशालय के अतिरिक्त निदेशक डा. एसके अरोड़ा का कहना है कि हमने इन विज्ञापनों को न लगाने की मांग करते हुए एक सप्ताह पहले दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन और केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। एक स्पताह बीत जाने के बावजूद इस पर कोई प्रतिक्रया नहीं आई और स्टेडियम में मैच की पूर्व संध्या पर विज्ञापन दिखाई दिए। भारत ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले वनडे मैच के के लिए स्टेडियम को तंबाकू उत्पाद निर्माता कंपनियों के विज्ञापनों से सजाया जा रहा है। नियमों के अनुसार किसी भी तंबाकू उत्पाद निर्माता कंपनी की ओर से विज्ञापन करना गैरकानूनी है।

कोटापा अधिनियम के तहत हैं गैर कानूनी
मैक्स कैथलैब के निदेशक एवं इथिकल कमेटी के सदस्य डा. विवेका कुमार के अनुसार कोटपा अधिनियम के तहत तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन करना गैरकानूनी है। कंपनियां पान मसाले की आड़ में विज्ञापन का खेल खेलती हैं जबकि ये गलत है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 13 मार्च को होने वाले मैच में अगर विज्ञापन मिलते हैं तो इससे लाखों युवाओं को तंबाकू के प्रति बढ़ावा मिलेगा। 40 फीसदी कैंसर और टीबी, 20 से 30 फीसदी डायबिटीज के मामलों के लिए तंबाकू उत्पाद जिम्मेदार हैं। बड़ी हस्तियों द्वारा ऐसे उत्पादों से युवाओं पर गलत असर पड़ता है। दिसंबर 2017 में भी दिल्ली सरकार की ओर सेएक क्रिकेट मैच के दौरान तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों पर डीडीसीए को पत्र लिखा गया था, लेकिन उस वक्त मैच होने के बाद संज्ञान लिया गया था।

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