एनपीपी उत्तर पूर्व के बाहर भी चुनावी मैदान में उतरेगी, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अन्य विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार को टिकट देगी

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भारत चौहान नई दिल्ली, नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को सही मायने में एक राष्ट्रीय पार्टी बनाने के लिए पार्टी के अध्यक्ष कोनराड के. संगमा ने शनिवार को नई दिल्ली में घोषणा की कि उनकी पार्टी ओडिशा और छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। मेघालय के मुख्यमंत्री ने कहा कि एनपीपी उत्तर पूर्व भारत की सीमा के भीतर नहीं रहेगी और कहा कि एनपीपी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव लड़ने पर विचार कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि एनपीपी मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश राज्यों के आने वाले चुनावों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मेघालय के मुख्यमंत्री और एनपीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कोनराड के. संगमा ने कहा कि “अपनी स्थापना के छह साल से भी कम समय में, एनपीपी को एक राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला है, जबकि कई अन्य राजनीतिक दल अभी भी ये दर्जा प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह केवल गौरव और सम्मान की बात नहीं है बल्कि एक संकेत है कि इस क्षेत्र में पार्टी को व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है और लोग चाहते हैं कि एनपीपी अधिकारों से वंचितों की आवाज बने और उन लोगों को अपनी बात रखने का मौका दे, जो कि लगातार नजरअंदाज किए जा रहे हैं।

“हमारे गुरु श्री.पी.ए.संगमा भारत के दलित आदिवासी समाजों के मसीहा थे। वे लगातार हमें प्रेरित कर रहे हैं और हम उनकी सोच और दृष्टिकोण के अनुसार ही तय कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं”

कोनराड के. संगमा ने स्वदेशी जनजातीय श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को भारत के राष्ट्रपति के रूप में चुनने के लिए राष्ट्र को धन्यवाद दिया। उन्होंने द्रौपदी मुर्मू जी को यह अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को भी धन्यवाद दिया। कोनराड के. संगमा ने कहा कि “यह मेरे पिता (एल) श्री पी ए संगमा का एक लंबे समय से देखा गया सपना था कि हमारे देश में एक दिन एक आदिवासी राष्ट्रपति हो, जो द्रौपदी मुर्मू जी की भारत के राष्ट्रपति के रूप में नियुक्ति के माध्यम से पूरा हुआ है।”

संगमा ने कहा कि “हम भारत के संविधान के जनक श्री बी.आर. अम्बेडकर के शब्दों में विश्वास करते हैं कि “राजनीतिक शक्ति विकास की मुख्य कुंजी है” और हमारा उद्देश्य इस राजनीतिक शक्ति को सामाजिक रूप से उत्पीड़ित समुदायों को सौंपना है। वे प्राकृतिक दुनिया की सबसे अच्छे संरक्षक हैं, लेकिन वे भयानक नस्लवाद और अपने समुदायों के प्रति नरसंहार हिंसा का अनुभव करते हैं। उनकी भूमि और संसाधन लाभ के लिए चुराए जाते हैं और उनके जीवन के तरीकों को जानबूझकर और व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जा रहा है। एनपीपी इन समुदायों की आवाज है और उन्हें प्रदर्शन करने के लिए एक मंच देना चाहती है।

एनपीपी प्रमुख ने आगे कहा कि उनकी पार्टी ने देश के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से पूर्व और उत्तर-पूर्व में अपने मौजूदगी को मजबूत किया है और उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है जो इस क्षेत्र को जोड़ते हैं और हमारे लोगों की आवाज को सुनने के लिए कान खोल कर एक टीम के रूप में काम करते हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में एनपीपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री मेघालय श्री प्रेस्टन तिनसोंग, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं सांसद श्रीमती. अगाथा के संगमा, राष्ट्रीय महासचिव थॉमस ए संगमा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री वाई जॉयकुमार सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री तपुक ताकू, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री एस. कोल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री स्वप्न कुमार सरकार, राष्ट्रीय महासचिव श्री राजीव कुमार जायसवाल श्री जयंत कुमार, डॉ मेहताब ए संगमा, श्री रामेश्वर सिंह, श्री अभय कश्यप और डॉ कल्याण गोस्वामी उपस्थित थे।

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