लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली “वार्षिक रुमोटोलॉजी अपडेट 2020” का दो दिवसीय संगोष्टी का समापन

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भारत चौहान नई दिल्ली,चिकित्सा विभाग लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज वार्षिक रुमोटोलॉजी अपडेट 2020 का दो दिवसीय संगोष्टी का आयोजन स्वर्ण जयंती सभागार लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में सम्पन्न हुआ। दो दिवसीय संगोष्ठी 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्री ख्याति प्राप्त
चिकित्सकों एवं शिक्षाविदों तथा लगभग 600 चिकित्सकों ने भाग लिया तथा वर्तमान में नवीनतम रुमोटोलॉजी शोधों को युवा चिकित्सकों से सांझा किया।कार्यक्रम के उद्घाटन भाषण में मुख्य अतिथि प्रो एन0 माथुर, निदेशक लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्तमान में चिकित्सा विज्ञान का कार्यक्षेत्र व्यापक हुआ है संधिविज्ञान पर तीव्रता से कार्य करने की आवश्यकता पर दवाव दिया डॉ0 माथुर,ने संगोष्ठी की उपयोगिता का उल्लेख करते हुए आशा व्यक्त की तथा एक छत के नीचे चिकित्सक लाभांवित होगें।प्रो0 घनश्याम पांगटे, ने संगोष्टी के आयोजन के उद्देश्य पर चर्चा करते जानकारी दी कि शरीर में जोड़ो में सूजन के कारण रोगी को शारिरिक कष्ट होता है तथा स्थायी विकलांगता का भी एक बड़ा कारण देखा गया है उपलब्ध स्वास्थ्य आंकड़े के अनुमान के अनुसार भारत
की जनसंख्या का लगभग 0.9 से एक प्रतिशत प्रभावित है परंतु प्रारम्भिक अवस्था में पहचान कर इलाज द्वारा रोका जा सकता है। प्रो0 घनश्याम ने बताया कि इस वर्ष संगोष्ठी को “रुमोटोलॉजी से छुटकारा विषय पर लक्ष्य निर्धारित किया गया है।“
प्रो0 अनुपम प्रकाश चिकित्सा विभाग, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ने संगोष्टी का उद्देश्य रुमोटोलॉजी के कारण जोड़ो पर होने वाले प्रभावों
बीमारी की जटिलताओं, निदान, प्रबन्धन और उपचार के आधुनिकतम अनुभवों को चिकित्सा शिक्षा-विद एवं चिकित्सा अनुसन्धानों पर युवा
प्रतिभागी चिकित्सकों के अनुभवों को एक स्थान पर सांझा कर उपयोगी बनाने की दिशा में प्रयास करना है ताकि प्रतिभागी चिकित्सक
बेहतर ढंग से रोगियों के इलाज में कौशल और ज्ञान की वृद्धि कर समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दे सकें।
संगोष्टी के प्रथम सत्र में रुमोटोलॉजी अपडेट 2020 पर स्मारिका का विमोचन किया गया डॉ0 अमित शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि
स्मारिका में रुमोटोलॉजी चिकित्सा विज्ञान पर चिकित्सकों के नवीनतम शोधों पर स्वतन्त्र रूप से किए गए शोध-पत्रों को प्रकाशित पेपर
का संग्रह है। आशा व्यक्त कि स्मारिका में प्रकाशित लेख निसन्देह युवा चिकित्सकों के लिए शैक्षणिक -रोगियों की पहचान, इलाज प्रबन्धन में
सहायक होगी।
डॉ0 रणदीप गुलेरिया, निदेशक ,एम्स नई दिल्ली ने तपेदिक रुमोटोलॉजी की जाँच ईलाज प्रबन्धन पर चर्चा की संगोष्ठी में डॉ0 ए0 एन0
मालवीय , अध्यक्ष एशिया पैसिफक लीग ऑफ ऐसो0 रुमोटोलॉजी सम्मिलित हुए। डॉ0 रोहिणी हांडा, डॉ0 एन0 एन0 मालवीय , डॉ0
अशोक कुमार, डॉ0 संदीप उपाध्याय, डॉ0 आनन्द मोहन ,प्रो0 एम्स नई दिल्ली, डॉ0 शालीमार प्रभारी हेपेटोलॉजी एम्स द्वरा आटोइम्यून
बीमारी पर चर्चा की। डॉ0 हरीश पैमेडे द्वारा रुमोटोलॉजी पर चिकित्सा अनुसन्धानों के करते हुए नैतिक नियमों एवं दिशा निदेशों पर
चर्चा की।
संगोष्टी को रुचिकर एवं व्याहारिक बनाने के उद्देश्य से डॉ0 अनिल निदेशक प्रो0 एवं विभागध्यक्ष चिकित्सा विभाग लेडी हार्डिंग मेडिकल
कॉलेज एवं डॉ0 वेद चतुव्रेदी वरिष्ठ सलाहकार रुमोटोलॉजी के नेतृत्व में वैज्ञानिक समिति का गठन किया गया। प्रतिभागी चिकित्सकों की
भागीदारी सुनिश्चित करने के आशय से प्रश्न प्रतियोगिता, युवा चिकित्सा वैज्ञानिकों द्वारा अनुसन्धान पेपर प्रस्तुतिकरण , चर्चाओं को
सुव्यवस्थित किया गया।

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