मुझे केजरीवाल के विधायकों ने मारा मुख्य सचिव दिल्ली का बड़ा आरोप

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ज्ञान प्रकाश के साथ भारत चौहान दिल्ली
दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव ने आम आदमी पार्टी विधायकों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है. इस मसले पर दिल्ली में सियासी उठापठक भी जोरों पर है. इस बीच मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने दिल्ली पुलिस से मामले की शिकायत की है. अपनी शिकायत में उन्होंने घटना का पूरा विवरण दिया है. अंशु प्रकाश की शिकायत के बाद पुलिस ने AAP विधायक अमानतुल्लाह खान और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. इनके खिलाफ आपराधिक साजिश और सरकारी कर्मचारी को काम करने से रोकने के आरोप में केस दर्ज हुआ है.

शिकायत में लिखा गया है, ‘कल (19 फरवरी) को मुझे रात करीब 8.45 बजे मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन की तरफ से फोन किया गया और कहा गया कि मुख्यमंत्री आवास पर रात 12 बजे मीटिंग में आना है, जहां मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री टीवी विज्ञापनों के मुद्दे पर चर्चा करेंगे. मैंने कहा कि मीटिंग कल सुबह रख लीजिए, लेकिन वो नहीं माने.

मुख्यमंत्री के सलाहकार का रात 11.20 बजे फिर फोन आया और उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं सीएम आवास आ रहा हूं. इसके बाद मैं अपनी सरकारी कार, ड्राइवर और पीएसओ के साथ सीएम आवास पहुंच गया.’

मुख्यमंत्री आवास के अंदर क्या हुआ

अपनी शिकायत में अंशु प्रकाश ने लिखा है, ‘सीएम आवास पहुंचने पर मुझे वीके जैन मिले और मुझे सामने वाले कमरे में ले जाया गया, जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और करीब 11 विधायक मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने मुझसे कहा कि कमरे में जो लोग मौजूद हैं ये विधायक हैं और ये सरकार के तीन साल पूरे होने पर सरकार के विज्ञापन कार्यक्रम के बारे में पूछने आए हैं. इसी दौरान एक विधायक ने तुरंत कमरे का दरवाजा बंद कर दिया.’

मुझे सोफे पर विधायकों के बीच बैठना पड़ा

डीसीपी को दिए गए अपने शिकायती पत्र में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने आगे लिखा, ‘कमरे में मुझे विधायक अमानतुल्ला और एक दूसरे व्यक्ति के बीच सोफे पर बैठना पड़ा. मुख्यमंत्री ने मुझे कहा कि विधायकों को बताएं कि टीवी विज्ञापनों में देरी क्यों हो रही है. मैंने उन्हें बताया कि अधिकारी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत नियमों से बंधे हुए हैं.’

विधायक चिल्लाने लगे और मारपीट की

शिकायत के चौथे पैराग्राफ में अंशु प्रकाश ने लिखा, ‘इसके बाद विधायक मुझ पर चिल्लाने लगे और गाली देने लगे. इस दौरान वो अधिकारियों पर सरकार का अधिक प्रचार न करने का आरोप लगाते रहे. एक विधायक, जिसे मैं पहचान सकता हूं, मुझे धमकी देने लगे कि अगर टीवी विज्ञापन रिलीज नहीं किए गए तो उन्हें पूरी रात बंदी बना लेंगे. मुझे एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठे इल्जाम में फंसाने की धमकी दी जाने लगी. एक विधायक जिन्हें मैं पहचान सकता हूं ज्यादा गुस्सा होने लगे और मुझे जान से मारने की धमकी दी.

‘इसी दौरान अचानक अमानतुल्ला खान और मेरे बाईं ओर बैठे व्यक्ति/विधायक ने मुझे मारना शुरू कर दिया. उन्होंने मेरे सिर पर वार किया. जिससे मेरा चश्मा नीचे गिर गया. बड़ी मुश्किलों से मैं कमरे से बाहर निकला और अपनी गाड़ी लेकर मुख्यमंत्री आवास से निकल गया.’

पुलिस को दी गई इस शिकायत में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी विधायकों ने उन पर जबरदस्ती ढंग से टीवी विज्ञापन की फाइलें क्लीयर कराने का दबाव बनाया और जब मैंने नियमों का हवाला दिया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट की.

मुख्यमंत्री के सलाहकार का रात 11.20 बजे फिर फोन आया और उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मैं सीएम आवास आ रहा हूं. इसके बाद मैं अपनी सरकारी कार, ड्राइवर और पीएसओ के साथ सीएम आवास पहुंच गया.’

मुख्यमंत्री आवास के अंदर क्या हुआ

अपनी शिकायत में अंशु प्रकाश ने लिखा है, ‘सीएम आवास पहुंचने पर मुझे वीके जैन मिले और मुझे सामने वाले कमरे में ले जाया गया, जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और करीब 11 विधायक मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने मुझसे कहा कि कमरे में जो लोग मौजूद हैं ये विधायक हैं और ये सरकार के तीन साल पूरे होने पर सरकार के विज्ञापन कार्यक्रम के बारे में पूछने आए हैं. इसी दौरान एक विधायक ने तुरंत कमरे का दरवाजा बंद कर दिया.’

मुझे सोफे पर विधायकों के बीच बैठना पड़ा

डीसीपी को दिए गए अपने शिकायती पत्र में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने आगे लिखा, ‘कमरे में मुझे विधायक अमानतुल्ला और एक दूसरे व्यक्ति के बीच सोफे पर बैठना पड़ा. मुख्यमंत्री ने मुझे कहा कि विधायकों को बताएं कि टीवी विज्ञापनों में देरी क्यों हो रही है. मैंने उन्हें बताया कि अधिकारी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के तहत नियमों से बंधे हुए हैं.’

विधायक चिल्लाने लगे और मारपीट की

शिकायत के चौथे पैराग्राफ में अंशु प्रकाश ने लिखा, ‘इसके बाद विधायक मुझ पर चिल्लाने लगे और गाली देने लगे. इस दौरान वो अधिकारियों पर सरकार का अधिक प्रचार न करने का आरोप लगाते रहे. एक विधायक, जिसे मैं पहचान सकता हूं, मुझे धमकी देने लगे कि अगर टीवी विज्ञापन रिलीज नहीं किए गए तो उन्हें पूरी रात बंदी बना लेंगे. मुझे एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठे इल्जाम में फंसाने की धमकी दी जाने लगी. एक विधायक जिन्हें मैं पहचान सकता हूं ज्यादा गुस्सा होने लगे और मुझे जान से मारने की धमकी दी.

‘इसी दौरान अचानक अमानतुल्ला खान और मेरे बाईं ओर बैठे व्यक्ति/विधायक ने मुझे मारना शुरू कर दिया. उन्होंने मेरे सिर पर वार किया. जिससे मेरा चश्मा नीचे गिर गया. बड़ी मुश्किलों से मैं कमरे से बाहर निकला और अपनी गाड़ी लेकर मुख्यमंत्री आवास से निकल गया.’

पुलिस को दी गई इस शिकायत में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी विधायकों ने उन पर जबरदस्ती ढंग से टीवी विज्ञापन की फाइलें क्लीयर कराने का दबाव बनाया और जब मैंने नियमों का हवाला दिया तो उन्होंने मेरे साथ मारपीट की.

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