हेल्दी इंडिया की पहल: अब स्वास्थ्य मंत्रालय की कार्यालयी बैठकों में बिस्कूट नहीं -चना, खजूर, भुना चना, बदाम, अखरोट के साथ ही हेल्दी ड्रिंक्स का हागा वितरण -उप स्वास्थ्य सचिव ने जारी किया निर्देश

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ज्ञान प्रकाश नई दिल्ली ,देशवासियों की सेहत बने या नहीं, लेकिन अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कार्यालयीं बैठकों में आटा, मैदा से बने बिस्कूट की जगह लोहिया चना, खजूर, भुना चना, बदाम, अखरोट के साथ ही हेल्दी ड्रिंक्स ही सर्व किया जाएगा। आटा, मैदा से बने बिस्कूट के वितरण पर पाबंदी लगा दी गई है। यह पहल फिलहाल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्माण भवन स्थित मुख्यालय से प्रारंभ की गई है। जारी निर्देश में केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना, स्वास्थ्य सचिव, उप सचिव के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय के विभिन्न यूनिट्स प्रमुखों को भी भेजा गया है। जिसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का सुझाव भी दिया गया है।
इन विभागों में परिचालित कैंटीन चलाने वालों को भी संबंधित विभागों आयोजित बैठकों, सम्मेलनों के दौरान खान पान के (वैन्यू) को बदलने और बिस्कुट समेत अन्य ऐसे उत्पादों की बिक्री न करने की भी नसीहत दी गई है जो स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक हो। मसलन शीतल पदार्थ में जैसे पेप्सी, कोक, लिमका की जगह छाछ, बदाम दूध, लीची, मैंगो, बनाना, पपीता जैसे फलों के अलावा स्वस्थ्य वर्धक सब्जियों और दालों के सिरप व आइट रखने की भी सलाह दी गई है। सनद् रहे कि इसके पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कैंटीन व विभिन्न कार्यक्रमों में पॉलीथीन और प्लास्टिक वाटर बोटल के प्रयोग पर पाबंदी लगाने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि यह निर्देश कार्यालयी मीटिंग के लिए थे लेकिन उसका असर अन्य कार्यक्रमों में देखा जा रहा है और पुरी तरह से अनुपालन किया जा रहा है। जिसके सकारात्मक परिणामल भी मिल रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के उप सचिव जिले सिंह ने जारी निर्देश में इन विभागों को हेल्दी फूड का ही सेवन के लिए प्रेरित करने की जरूरत बताई है। निर्देश संख्या एफ-23011/4/2019-प्रोटोकॉल डब्ल्यू एंड पीजी, बीते 24 जून को संबंधित विभागों को जारी किया गया। कुछ विभागों ने निर्देश का पालन करना प्रारंभ कर दिया है। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय मुख्यालय व हेल्थ डिपार्टमेंट्स की कैंटीन में लागू होने के बाद इस केंद्र सरकार के सभी अस्पतालों, अन्य मंत्रालयों की कैंटीन में भी लागू किया जाएगा।
बदलेगी सेहत:
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि हेल्दी इंडिया की शुरुआत मंत्रालयों से ही की जानी चाहिए। लगभग सभी विकसित देशों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के लिए कड़े नियम बनाए गए है। जिनका अनुपालन भी संबंधित एजेंसियां शक्ति से करते आ रहे हैं। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान ने कहा कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम मिलेगा।

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