स्पेशलिस्ट का दर्जा छीनने के एमसीआई के फैसले के खिलाफ देशभर के डाक्टरों ने किया दिल्ली की ओर कूंच

जंतर मंतर पर किया प्रदर्शन, दिया स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन

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भारत चौहान नई दिल्ली , इंडियन असोसिएशन ऑफ क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट्स (आईएसीसी) के डॉक्टरों ने 1700 से ज्यादा पीजीडीसीसी के डॉक्टरों से स्पेशलिस्ट का दर्जा छीनने के भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (एमसीआई) के फैसले के खिलाफ बृहस्पतिवार को जंतर मंतर पर डाक्टरों ने विशल विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री मोदी से दखल देने का आग्रह किया। मेडिकल प्रैक्टिशनर्स ने जंतर-मंतर से संसद भवन तक विरोध मार्च निकालने की कोशिश भी किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद देश भर से आए डाक्टर वहीं धरने पर बैठ गए।
आईओसीसी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन डा. राजेश रंजन ने बताया कि हमारा यह विरोध जंतर-मंतर से 11 बजे शुरू होकर संसद भवन तक निकाला जाना था एव हम सभी स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों इस विरोध मार्च के माध्यम से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डा. हषर्वर्धन को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन संसद जाकर सौपनें वाले थे, लेकिन हमारे शांतिपूर्ण मार्च को जंतर मंतर से आगे जाने से रोक दिया गया। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिर्वसटिी से 2006 से 2013 के बीच पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा होल्डर्स इन क्लिनिकल कार्डियोलॉजी (पीजीडीसीसी) का कोर्स करने वाले 1700 से ज्यादा डिप्लोमा धारकों से स्पेशलिस्ट का दर्जा छीनने के खिलाफ स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों में काफी रोष है। आईएसीसी ने इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है। विरोध मार्च के माध्यम से आईएसीसी ने इस तथ्य को सरकार के सामने उभारा कि मेनस्ट्रीम में पीजीडीसीसी को लाने से बड़ी संख्या में क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट देश में मरीजों को उपलब्ध होंगे क्योंकि देश में दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों का बोझ बढ़ता ही जा रहा है।
विरोध क्यों:
पीजीडीसीसी कोर्स डीएम और डीएनबी कार्डियोलॉजी प्रोग्राम के साथ कंडक्ट किया जाता है। पीजीडीसीसी कोर्स और डीएम और डीएनबी कार्डियोलॉजी प्रोग्राम के टीचर्स एक ही हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की प्रमुख आपत्ति एमसीआई एक्ट 1956 के अनुसार ट्रेनिंग प्रोग्राम के मूल्यांकन पर थी। एमसीआई ने दावा किया कि इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिर्वसटिी (इग्नू) ने कोर्स को शुरू करने से पहले नो ऑब्जेक्शन र्सटििफकेट (एनओसी) हासिल नहीं की थी। यह काफी आश्चर्यजनक है कि एमसीआई बिल्कुल मनमाने तरीके से पीजीडीसीसी कार्डियोलॉजिस्ट्स से स्पेशलिस्ट का टैग छीन रही है। सरकार ने इग्नू के साथ यह डिप्लोमा कोर्स शुरू किया था। पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. अंबुमणि रामदास ने इस कोर्स का उद्घाटन किया था। अब यह कहा जा रहा है कि इस कोर्स को मान्यता प्राप्त नहीं है। 1992 में विविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया था कि इग्नू की ओर से छात्रों को दिए गए र्सटििफकेट, डिप्लोमा और डिग्री देश की यूनिर्वसटिीज की ओर से प्रदान की गई डिग्री और डिप्लोमा के समकक्ष माने जाएंगे।

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