आजादी का अमृत महोत्सव बिना भारतीय स्वतंत्रता स्मारक के है अधूरा

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भारत चौहान नई दिल्ली, देश में स्वतंत्रता समारक को बनाने की मांग अब जोर पकड़ती नजर आ रही है.ये मांग पिछले कई समय से नामधारी सिख समाज की और से की जा रही है लेकिन भारत सरकार इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है.75 वे स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या से पहले एक बार फिर इस मांग को दोहराया गया नामधारी सिख समाज की और से जारी की गयी एक प्रेस विज्ञप्ति में इसी मांग का जिक्र किया गया है
उनका कहना है की हमारे देश में पराधीनता के चिन्ह (इंडिया गेट, गेटवे ऑफ़ इंडिया आदि) तो हैं, परन्तु भारत की स्वतंत्रता का कोई भी विशेष चिन्ह-स्मारक नहीं है। आज भारत को स्वतंत्र हुए 75 वर्ष हो गए हैं और हम भारतवासी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस शुभ अवसर पर “अद्वितीय भारतीय स्वतंत्रता स्मारक” बनना चाहिए। जिस स्मारक को, हम गर्व से लोगों को दिखा सकें।

अमेरिका जैसे विकसित देश में “स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी” बना है, कंबोडिया जैसे छोटे व ग़रीब देश में भी “फ्रीडम मोन्यूमेंट” बना है। यह दोनों स्मारक स्वतंत्रता के चिन्ह हैं। परंतु, हमारे भारत में स्वतंत्रता का प्रतीक कोई स्मारक नहीं हैं। इसलिए, सतगुरु ठाकुर दलीप सिंघ जी के आदेश अनुसार, नामधारी सिखों की विनती है कि “हम सभी भारतीय मिलकर, एक अद्वितीय भारतीय स्वतंत्रता स्मारक बनाएँ”। जिसे हम स्वतंत्रता चिन्ह के रूप में; गर्व से लोगों को दिखा सकें। सर्वप्रथम “भारतीय स्वतंत्रता स्मारक” दिल्ली में बने। उसके उपरांत, उसी प्रकार से; लघु आकार के “भारत स्वतंत्रता स्मारक” सभी प्रांतों की राजधानियों में तथा बड़े शहरों में बनने चाहिए।

“अद्वितीय भारतीय स्वतंत्रता स्मारक” ऐसा होना चाहिए, सम्राट अशोक के स्तंभ (सम्राट अशोक का स्तंभ भारत का विशेष चिन्ह है) जैसी ऊँची मीनार बनाई जाए जो दूर से ही लोगों को अपनी ओर आकर्षित करे और उसके साथ ही भारत के नक्शे जैसा एक और स्मारक बने जिसके एक तरफ स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र व नाम जगमगाते हों और दूसरी तरफ देश भक्तों की फिल्में बड़ी एल.ई.डी. स्क्रीन पर चलें। 1947ई. से पूर्व जो लोग देश की स्वतंत्रता के लिए, देश प्रेम की भावना से (वेतन लेने के लिए नहीं) शहीद हो गए: जैसे:- भगत सिंघ, करतार सिंघ सराभा, अमरचंद जैन बांठिया, लाला लाजपत राय, अशफाक उल्ला खां आदि के नाम “भारत स्वतंत्रता स्मारक” पर जगमगाने चाहिए। यह स्मारक ऐसा अद्वितीय होना चाहिए जिसको देश और विदेश के पर्यटक देखने आएँ।

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